उन पुरानी गलियों में, जहाँ कोई नहीं जाता, मैं रहता हूँ अब वहां, दोस्तों के इंतेज़ार उन पुरानी गलियों में, जहाँ कोई नहीं जाता, मैं रहता हूँ अब वहां, दोस्तों...
बजुर्ग हमारे हो गए परेशान इस मोबाइल की वजह से, घर का हर बच्चा बड़ा अब कर रहा नजर अंदाज बजुर्ग हमारे हो गए परेशान इस मोबाइल की वजह से, घर का हर बच्चा बड़ा अब कर रहा न...
आज के इस वक्त में कुछ और खास हो गए रिश्ते नाते प्यार से बेमतलब हम हो गए आज के इस वक्त में कुछ और खास हो गए रिश्ते नाते प्यार से बेमतलब हम हो ग...
खोने के डर से आंसू भी बहा जाते हैं। कुछ रिश्ते ऐसे बन जाते है। खोने के डर से आंसू भी बहा जाते हैं। कुछ रिश्ते ऐसे बन जाते है।
खिले हैं गांवों में भी, नफरत के फूल धीरे-धीरे खिले हैं गांवों में भी, नफरत के फूल धीरे-धीरे
मगर, यह गुजरती भी नहीं, अपनों के बिना। मगर, यह गुजरती भी नहीं, अपनों के बिना।